आयुष्मान में फर्जीवाड़ो पर कब लगेगी रोक, गाँवो में कैंप लगाकर स्वस्थ लोगो को बनाया जा रहा मरीज, कमलनाथ ने साधा निशाना

New Update
आयुष्मान में फर्जीवाड़ो पर कब लगेगी रोक, गाँवो में कैंप लगाकर स्वस्थ लोगो को बनाया जा रहा मरीज, कमलनाथ ने साधा निशाना

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. कभी मुर्दो के इलाज का मामला सामने आ रहा है.तो कभी स्वस्थ मरीज हॉस्पिटल में भर्ती मिल रहे है. गांवों में कैप लगाकर स्वस्थ मरीजों को अस्पताल लाया जा रहा है.अभी 5 मेडिकल कॉलेजो की जाँच चल रही है. इन में से 4 पर करोड़ो रूपये का जुर्माना लगा है.एक अस्पताल के खिलाफ एफआईआर के आदेश भी जारी हुए थे.

यह भी पढ़िए :- दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ भोजन वाले 100 शहरों की सूची में शामिल, भारत के इन 5 शहरों का नाम

5 मेडिकल कॉलेजो की हुई थी जाँच

आयुष्मान फर्जीवाड़ा करने वाले मेडिकल कॉलेजो की सूचि में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज इंदौर, एल एन मेडिकल कॉलेज भोपाल, आर्डी गार्डी मेडिकल कॉलेज उज्जैन, अमलतास मेडिकल कॉलेज देवास का नाम शामिल है. सभी कॉलेजो की जाँच हुई थी. कुछ मेडिकल कॉलेज पर जाँच प्रक्रियाधीन है.

फाइल बनी है पर मरीज मौजूद नहीं

जाँच में टीम ने पाया की कई जगह फर्जी बिल बड़ी संख्या में बने है. बहुत सी संख्या में आयुष्मान कार्ड भी मिले है, परन्तु खास बात यह हुई की सभी बिल और आयुष्मान कार्ड से सम्बंधित मरीज अस्पताल में नहीं मिले। सभी मामलो पर जुर्माने लगाए गए है..

फर्जीवाड़े पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर साधा निशाना

इन सभी फर्जीवाडा मामलो पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोर्चा खोला है, भाजपा पर निशाना साधते हुए X पर लिखा मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकारों में भ्रष्टाचार करने की होड़ मची है। भाजपा की शिवराज सरकार ने 18 वर्ष में घोटाले का कीर्तिमान बनाया और अब नए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार घोटाले के मामले में शिवराज सरकार को पीछे छोड़ती नजर आ रही है। यह सर्वविदित है कि शिवराज सरकार में आयुष्मान घोटाला हुआ था और अब सामने आया है कि डॉ मोहन यादव सरकार में आयुष्मान घोटाले का दूसरा संस्करण सामने आ रहा है।

यह भी पढ़िए :- आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति उपेक्षापूर्ण और सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? : कमलनाथ

गांव में कैंप लगाकर स्वस्थ लोगों को मरीज बताकर उनका उपचार दिखाया जा रहा है। नाबालिग का आईवीएफ से इलाज दिखाया जा रहा है। इसी तरह की अन्य धांधली से आयुष्मान योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। भाजपा सरकार की परंपरा घोटाले की लीपापोती करने और दोषियों को संरक्षण देने की रही है, अब देखना सिर्फ इतना है कि नए मुख्यमंत्री इस मामले में भी पुराने मुख्यमंत्री के नक्शे कदम पर चलते हैं या वाकई दोषियों पर कार्रवाई करने की कोई सच्ची कोशिश करते हैं?

शिवराज सरकार ने मध्य प्रदेश की पहचान घोटालों से बना दी थी। मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह मध्य प्रदेश के माथे से भ्रष्टाचार के इस कलंक को धोने का प्रयास करें और घोटालेबाजों को संरक्षण देने के बजाय सख्त कार्रवाई कर प्रदेश की छवि को उज्ज्वल बनाएं।

Latest Stories