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किसानों के लिए सोने के माफिक है ये फसल, महिलाएं कर रहीं इसकी खेती इसके तेल की कीमत जानकर हैरान हो जाओगे आप

इसके बाद किसानों ने मेन्था की नर्सरी तैयार की और पौधे तैयार होने पर खेतों में रोपाई की. मेन्था की खेती में लगभग 3 से 4 महीने का समय लगता है और महिला किसान इससे अच्छी आमदनी कर रही हैं.

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किसानों के लिए सोने के माफिक है ये फसल, महिलाएं कर रहीं इसकी खेती इसके तेल की कीमत जानकर हैरान हो जाओगे आप
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 गांव में महिला किसानों की आमदनी का एक नया जरिया सामने आया है. यहां मेन्था की खेती कर महिलाएं अच्छा मुनाफा कमा रही हैं. मेन्था एक औषधीय पौधा है, जिसके तेल का इस्तेमाल कई दवाओं में किया जाता है.

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महिला सशक्तिकरण के साथ आमदनी का जरिया

बांकेबाजार के पूर्णदीह गांव में प्रसंस्करण यूनिट लगाई गई है, जहां महिला किसान इस यूनिट से तेल निकाल सकती हैं. एक गैर-सरकारी संगठन ने महिला किसानों के समूहों को 1 एकड़ में 25 किलो बीज दिए, जिसकी कीमत 100 रुपये प्रति किलो थी. इसके बाद किसानों ने मेन्था की नर्सरी तैयार की और पौधे तैयार होने पर खेतों में रोपाई की. मेन्था की खेती में लगभग 3 से 4 महीने का समय लगता है और महिला किसान इससे अच्छी आमदनी कर रही हैं.

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कम मेहनत, ज्यादा कमाई

बांके बिहार ब्लॉक क्षेत्र के हुसैनगंज गांव की रहने वाली महिला किसान निर्मला कुमारी बताती हैं कि मेन्था का पौधा नर्सरी में तैयार करने में करीब एक महीना लगता है, इसके बाद खेत तैयार करके रोपाई की जाती है. ये 90 से 100 दिनों में तैयार हो जाती है. 1 एकड़ मेन्था से 70 से 80 लीटर तेल निकलता है और इसका इस्तेमाल दवा बनाने में किया जाता है.

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नीलगाय से भी छुटकारा!

गांव की रीता सिंह बताती हैं कि बांके बाजार ब्लॉक क्षेत्र का ये गांव पहाड़ों के आसपास स्थित है, जिस कारण यहां के ज्यादातर खेत पथरीले हैं. पहले इलाके में सब्जी की खेती होती थी लेकिन नीलगाय सब्जी की खेती को बर्बाद कर देती थी. लेकिन पिछले साल से जब से मेन्था की खेती शुरू हुई है, तब से नीलगाय भी पास नहीं फटकती. आसपास के लोग भी उनकी खेती देखकर प्रेरित हो रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले साल 5 कठ्ठे से 9-10 लीटर तेल निकला था और इस बार भी अच्छी पैदावार की उम्मीद है.

इस तरह मेन्था की खेती न सिर्फ महिला किसानों की आमदनी बढ़ा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद कर रही है. साथ ही पारंपरिक खेती की समस्याओं से भी निजात मिल रहा है.

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