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Gaurihar News: शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर डीईओ ने प्राचार्यों और सीनियर उच्च माध्यमिक शिक्षको को छोड़ जूनियर शिक्षक को बनाया बीईओ

डीईओ और उनके अमले के कारनामों से छतरपुर जिले का नाम शिकायतों में प्रदेश के टॉप पर,वरिष्ठ अधिकारियों का एम के कौटार्य को नही रहा कोई भय, आचार संहिता में दिया बीईओ का प्रभार

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 शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर डीईओ ने प्राचार्यों और सीनियर उच्च माध्यमिक शिक्षको को छोड़ जूनियर शिक्षक को बनाया बीईओ
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Gaurihar News/संवाददाता संदीप सेन छतरपुर: शिक्षा विभाग छतरपुर आजकल जितना शिक्षा के लिए नही पहचाना जाता उतना भ्रष्टाचार के चलते नए नए कारनामों में नाम कमाने में लगा हुआ है। डीईओ एम के कौटार्य ने एक बार फिर नया कारनामा कर डाला,उन्होंने गौरीहार के एक जूनियर उच्च माध्यमिक शिक्षक डी आर पटेल को विकास खंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार आचार संहिता के दौरान सौंप दिया। जबकि गौरिहार ब्लॉक में हाई स्कूल मनुरिया में श्रीराम अहिरवार और हाई स्कूल नेहरा में अली बक्श प्राचार्य के रूप में पहले से पदस्थ है।

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वही नवनियुक्त बीईओ डी आर पटेल जो कि उच्च माध्यमिक शिक्षक है उनसे अनेकों वरिष्ठ उच्च माध्यमिक शिक्षक गौरिहार ब्लॉक में पदस्थ है लेकिन क्या गजब सांठ गांठ का खेल है कि नियम से वरिष्ठ को बीईओ न बनाकर नियम विरुद्ध एक जूनियर को बीईओ का प्रभार शिक्षा विभाग की कमान संभाले एम के कौटार्य ने स्वयं दे दिया। जब शिक्षा विभाग के मुखिया ही नियमो की धज्जियां वरिष्ठ अधिकारियों से बेखौफ होकर उड़ाने में लगे हुए है तो जिले के ताजा हाल का आप अंदाजा लगा सकते है। 

शिक्षा विभाग छतरपुर की शिकायतो से जिला टॉप पर

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शिक्षा विभाग में पदस्थ राघवेंद्र सिंह, आर एस भदौरिया, रोहित खरे और डीईओ एम के कौटार्य की सैंकड़ों शिकायते सागर और भोपाल में लंबित है जिन पर अनेकों जांचे बैठी हुई है। आलम यह है कि छतरपुर जिला प्रदेश में शिकायतो के नाम पर टॉप पोजीशन पर चल रहा है।

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लंबे लेनदेन की विभाग में है चर्चा

सूत्रों की माने तो इस पूरे घटनाक्रम में डी आर पेटल और डीईओ एम के कौटार्य के बीच लंबा लेनदेन हुआ है जिसके कारण ही शासन के सभी नियमों को डीईओ ने शिथिल करते हुए यह कारनामा कर डाला है।

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