Wednesday, November 29, 2023
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एमपी में 33 साल में कितना बढ़ा BSP का वोट शेयर? चुनाव को लेकर सियासी हलचल हुई तेज!

मध्यप्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में ग्वालियर-चंबल, विंध्य और बुंदेलखंड की 40 सीटों पर बीएसपी निर्णायक भूमिका में है, जहां दलित मतदाता काफी अहम माना जाता है, बीएसपी प्रमुख मायावती ने अपने प्रत्याशीयों को चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान करके पूर्व सीएम कमलनाथ साथ ही साथ सत्ताधारी पार्टी की बेचैनी को बढ़ा दिया है जहां एक ओर बीजेपी ने रविदास मंदिर और आंबेडकर महाकुंभ से लुभाया तो वहीँ कांग्रेस ने जातिगत जनगणना का दांव चला ऐसे ऐसे में ये तो तय है की बहुजन समाज पार्टी दोनों मुख्य पार्टी के वोटबैंक पर सेंध लगा सकती है।

26 सीटों पर BSP भाजपा-कांग्रेस दोनों को हराने में कामयाब रही

पिछले 7 चुनावों में ग्वालियर-चंबल, विंध्य और बुंदेलखंड की 40 सीटों पर बीएसपी की भूमिका निर्णायक रही है। इन सीटों पर भले ही हर बार बसपा जीत न पाए, लेकिन सोशल इंजीनियरिंग के जरिए कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा की हार का कारण जरूर बन जाती है। इनमें से 26 सीटों पर BSP भाजपा-कांग्रेस दोनों को हराने में कामयाब रही है। इस बार BSP 178 सीटों पर लड़ेगी। 2023 के चुनाव में BSP, 178 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इनमें से 78 सीटों पर टिकट घोषित कर चुकी है। 16 विंध्य में, 14 बुंदेलखंड में, 11 ग्वालियर-चंबल, 9 महाकौशल, 20 मालवा-निमाड़ और 8 भोपाल मध्य क्षेत्र के हैं। BSP ने पहली बार ggp से चुनाव पूर्व गठबंधन किया है,

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मध्यप्रदेश में का BSP का औसतन वोट बैंक 9 फीसदी रहा है

जिसके तहत 52 सीट पर गोंगपा प्रत्याशी उतारेगी। वही मध्यप्रदेश में का BSP का औसतन वोट बैंक 9 फीसदी रहा है, लेकिन 2018 में यह 5 फीसदी पर आ गया। मुख्य रूप से अनुसूचित जातियों की आबादी BSP का कोर वोट बैंक है। मप्र की आबादी में अजा वर्ग की हिस्सेदारी 15.60 फीसदी है। 35 सीटें अजा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। 2018 में 18 सीटें कांग्रेस ने और 17 भाजपा ने जीती थीं। जबकि बसपा ने दो सामान्य सीटों पर जीत दर्ज की। मप्र की राजनीति भले ही द्विध्रुवीय हो, लेकिन तीसरे मोर्चे के रूप में बहुजन समाज पार्टी पिछले 33 साल से स्थायी वोटबैंक के साथ अपनी उपस्थित कायम रखे हुए है।

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बुंदेलखंड की पथरिया सीट से पार्टी ने मैदान फतेह किया था

बहुजन समाज पार्टी ने ग्वालियर-चंबल की सबलगढ़, जौरा, मुरैना, दिमनी, अम्बाह, मेहगांव, गोहद, सेंवढ़ा, जैसी और भी और सीटों पर जीत दर्ज की थी वहीँ विंध्य की चित्रकूट, रामपुर, मऊगंज, देवतालाब, मनगवां, गुढ़ पर जीत का परचम लहराया था और बुंदेलखंड की पथरिया सीट से पार्टी ने मैदान फतेह किया था। बहुजन समाज पार्टी ने मध्यप्रदेश की राजनीती में साल 1990 में कदम रखा। जब पार्टी 187 सीटों पर लड़ी थी, वहीँ अब इतने सालों के सियासी सफर के बाद देखना ये होगा की 2023 के चुनाव में पार्टी अपना कितना जलवा बिखेर पायेगी।

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