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Harda : नहर उत्सव मनाने तवा डेम पहुंचा भारतीय किसान संघ, तवा डेम के अमृत तुल्य जल का पूजन कर 1034 क्यूसेक पानी छोड़ा

नहर में पानी की मांग अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है, यह पानी 28 मार्च को हरदा जिले की नहरों में भी दिखने लगेगा, और ग्रीष्मकालीन मूंग फसल सिंचाई का कार्य प्रारंभ हो जावेगा।

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By Ankush Baraskar
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Harda/संवाददाता मदन गौर :- कल दिनांक 26 मार्च को सुबह 11 बजे प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी मूंग सिंचाई हेतु तवा डेम पहुंचकर नहर, डेम एवं जल देवता का विधि विधान से पूजन कर हरदा एवं नर्मदा पुरम जिले  की सिंचाई के लिए तवा बांयी तट नहर में प्रारंभिक तौर पर  1034 क्यूसेक पानी छोड़ा,  नहर में पानी की मांग अनुसार धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है, यह पानी 28 मार्च को हरदा जिले की नहरों में भी दिखने लगेगा, और ग्रीष्मकालीन मूंग फसल सिंचाई का कार्य प्रारंभ हो जावेगा।

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भारतीय किसान संघ के जिला जल संसाधन विभाग प्रभारी दीपचंद नवाद ने बताया कि 19 मार्च 2013 को पहली वार मूंग फसल के लिए तवा डेम से पानी की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के पांच पदाधिकारी कार्यकर्ता, शुरेश जी दोगने, नरेंद्र दोगने,विनोद पाटिल,विजय मलगाया, दीपचंद नवाद,भोपाल पहुंचे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं अवर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया से सहमति प्राप्त कर पहली बार ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए पानी छुड़वाया था, जिसके बाद कई वार तवा डेम से ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए  पानी छोड़ा गया और किसानों को करोड़ों रूपए का फायदा हुआ है, तवा डेम से ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में पानी के लिए नींव के पत्थर भारतीय किसान संघ जिला हरदा के पदाधिकारी कार्यकर्ता हैं, और संगठन द्वारा आगे भी कृषक हित में लगातार प्रयास किए जावेंगे।

नवाद ने बताया कि नहर एवं जल पूजन के पीछे मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता में नहरों एवं जल के प्रति सम्मान जनक भावना जगाने के लिए प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम किया जा रहा है,पानी की एक-एक बूंद का उपयोग हो और व्यर्थ बहने वाले पानी को रोककर पेयजल एवं रवि सिंचाई के साथ अमृत तुल्य जल को बड़ी मात्रा में बचाकर ग्रीष्मकालीन मूंग फसल पैदा की जा सकती है और अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित किया जा सकता है. 

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निरीक्षण के दौरान कमियां पाई गई

प्रतिनिधिमंडल द्वारा जब आते समय समस्त नहरों का निरीक्षण किया गया तो किसी भी नहर पर उचित स्थान पर नहर का एफ. एस. एल. लेवल एवं नहर का नाम तथा डिजाइन डिस्चार्ज अंकित नहीं पाए गए, जबकि हर बैठक में अधिकारियों द्वारा यह बताया जाता है कि सभी गेज बना दिए गए हैं यहां तक की एक मुख्य नहर के गेज पर तो नंबर भी नहीं लिखे गए जो सिंचाई विभाग की किसानों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।
 प्रतिनिधि मंडल में भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री विजय मलगाया, जिला जल संसाधन विभाग प्रभारी दीपचंद नवाद, विष्णु प्रसाद मालाकर, राहुल बांके मौजूद रहे।

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