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Rewa: कलेक्टर ने नरवाई जलाने पर धारा 144 के तहत दिए प्रतिबंध के आदेश, नरवाई में आग लगाने वालों पर होगी कठोर कार्यवाई

खेत में नरवाई जलाने से मिट्टी के कई लाभदायक सूक्ष्मजीव एवं जैविक कार्बन जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण मिट्टी कठोर हो जाती है, इसकी जल धारण क्षमता घट जाती है, इसलिए नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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By Ankush Baraskar
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Rewa/संवाददाता मनोज सिंह रीवा:- जिले में कृषकों तथा पशुपालकों को भूसे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा गर्मियों में होने वाली आग की दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिये रीवा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल ने नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के आदेश दिए हैं, यह आदेश सम्पूर्ण रीवा जिले में 22 मार्च 2024 से लागू हो गया है, यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जारी किए गए हैं, प्रतिबंध का उल्लंघन करके नरवाई जलाने पर दो एकड़ से कम जमीन वाले किसानों पर 2500 रुपए, दो से पाँच एकड़ तक के किसानों पर 5000 रुपए तथा पाँच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों पर 15000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा, साथ ही भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज कर दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी, वर्तमान परिस्थितियों में आदेश की व्यक्तिशः तामीली संभव नहीं है इसलिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के तहत आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है, विभिन्न संचार माध्यमों से इसकी सूचना आमजनता को दी जा रही है।  

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जारी आदेश के अनुसार रबी फसलों की कटाई के बाद खेतों को आग के हवाले करने वाले किसानों के खिलाफ अब कठोर कार्यवाही की जाएगी, हार्वेस्टर के माध्यम से गेंहू की कटाई करने पर उसमें स्ट्रारीपर लगाना अनिवार्य होगा, जिन हार्वेस्टरों में अवशेष प्रबंधन सिस्टम नही होगा, उन्हें गेंहू काटने की अनुमति नही दी जायेगी आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी, जिले में चलने वाले कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ स्ट्रारीपर लगाना अनिवार्य होगा, जिला परिवहन अधिकारी इसकी निगरानी करें, इसका उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्यवाही करें, खेत में नरवाई जलाने से मिट्टी के कई लाभदायक सूक्ष्मजीव एवं जैविक कार्बन जलकर नष्ट हो जाते हैं, जिसके कारण मिट्टी कठोर हो जाती है, इसकी जल धारण क्षमता घट जाती है, इसलिए नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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