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Mahabalipuram Tourist Place : विश्व धरोहर महाबलीपुरम के ये हैं ऐसे अद्भुत मंदिर, जिनकी कथाएं करें आपको हैरान एक बार जरूर जाये इन जगहों पर घूमने

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By Sagar Charpe
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श्री करुकाथम्मन मंदिर

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श्री करुकाथम्मन मंदिर चेन्नई को पांडिचेरी से जोड़ने वाले ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित माँ अम्मन को समर्पित है। माँ अम्मन सुखासन की स्थिति में बैठी हुई हैं, पुराणिक कथा के अनुसार एक महिला को उसके पूर्वजों ने शाप दिया था,वो कभी माँ नहीं बानी पायेगी लेकिन अम्मान के आशीर्वाद और पूजा अर्चना से उसने एक सुंदर बच्चे को जन्म दिया। संतान प्राप्ति के लिए भी ये मंदिर प्रसिद्ध है। 

मुकुंद नयनार मंदिर

मंदिर है जिसे सालुवनकुप्पम की खुदाई के दौरान खोजा गया था। 12 फीट रेत के नीचे दफन पाया गया। मुकुंद नयनार पूर्व की ओर दो मंजिला मंदिर है और इसमें एक अर्ध-मंतप है जो दो गोलाकार स्तंभों पर खड़ा है।

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शोर मंदिर 

शोर मंदिर द्रविड़ शैली में निर्मित सबसे पुराने दक्षिण भारतीय मंदिरों में से एक है। इस मंदिर में आप पल्लव वंश की कलाकारी को भी देख सकते हैं। शोर मंदिर में विष्णु मंदिर भी शामिल है, इसका निर्माण 7वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। 

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गणेश रथ मंदिर

गणेश रथ मंदिर पल्लव वंश द्वारा निर्मित किया गया एक भव्य मंदिर है। यहां भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस मंदिर को एक चट्टान पर उकेरा गया है, जिसकी आकृति आपको एक रथ जैसी दिखाई देगी। इस मंदिर की कलाकृति पयटकों को अपनी और आकर्षित करती है।  

वराह गुफा मंदिर

वराह गुफा मंदिर महाबलीपुरम में स्थित एक उत्कृष्ट रॉक-कट हिंदू मंदिर है। जिनका निर्माण ग्रेनाइट पहाड़ी की चट्टानों की दीवारों पर किया गया है। इसमें भगवान विष्णु की उनके वराह रूप में एक मूर्ति है, साथ ही इसमें भूदेवी के साथ मूर्ती भी बनी हुई हैं।  यह मंदिर पल्लव कला के सबसे महान उदाहरणों में से एक है। 

स्थलसायन पेरुमल मंदिर

स्थलसायन पेरुमल मंदिर जिसे थिरुकदलमल्लई भी कहा जाता है, भगवान विष्णु को समर्पित 108 दिव्यदेशम में से एक है। भूततझवार अवतार उत्सव का वार्षिक उत्सव तमिल महीने एपिसी (अक्टूबर-नवंबर) के दौरान यहां मनाया जाता है।स्थलसयन पेरुमल के रूप में उनकी पत्नी लक्ष्मी नीलामंगई थायर के साथ पूजा जाता है। 

ओलक्कनेश्वर मंदिर

ओलक्कनेश्वर मंदिर, जिसे ओल्ड लाइटहाउस के नाम से भी जाना जाता है, ये मंदिर पहाड़ी पर स्थित होने की वजह से यहां से आप शहर का मनोरम दृश्य भी देख सकते हैं। ओलक्कनेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है,मंदिर को ग्रे-सफेद ग्रेनाइट से बनाया गया है।

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