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Ravana Temple : अद्भुत मंदिर दशहरा के दिन वहां के स्थानीय निवासी रावण के पुतले को न जलाकर उसकी पूजा करते हैं? यहाँ घूमने का मन बना सकते है

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By Sagar Charpe
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मंदसौर, एमपी में 

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मंदसौर शहर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का स्वर्ग है। यह एक ऐसा स्थान है जहां 10 सिर वाली 35 फीट ऊंची मूर्ति के रूप में रावण की स्तुति की जाती है। मंदिर खानपुर इलाके में स्थित है, 

विदिशा, मध्य प्रदेश

यह भोपाल से लगभग 6 किमी की दूरी पर स्थित है, और यहां दशहरा उत्सव रावण की 10 फीट लंबी लेटी हुई छवि की पूजा करके मनाया जाता है। कन्याकुब्ज ब्राह्मण समुदाय के स्थानीय लोग शादी जैसे अवसरों पर रावण का आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर में आते हैं।

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काकीनाडा, आंध्र प्रदेश

काकीनाडा बेहद सुंदर जगह है, जहां इसी नाम का बीच रोड पर एक मंदिर परिसर है इस शिवलिंग की स्थापना किसी और ने नहीं बल्कि स्वयं रावण द्वारा की गई थी।

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बैजनाथ, हिमाचल प्रदेश 

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ मंदिर स्थल से जुड़ी कुछ पौराणिक कथाएं शामिल हैं।  रावण ने इस स्थान पर लंबे समय तक शिव की पूजा की थी रावण अपने हाथों में एक शिवलिंग के साथ बैजनाथ से लंका जा रहा था। उसी स्थान पर शिवलिंग रखने के लिए बोल दिया। परिणाम स्वरुप, शिवलिंग स्थायी रूप से वही स्थापित हो गया, 

रावण मंदिर कानपुर, उत्तरप्रदेश

कानपूर एक ऐसी जगह है, जहां दशहरा के दिन रावण की पूजा की जाती है। बल्कि यहां रावण का मंदिर भी मौजूद है बहुत कम लोगों ये बात पता है कि जिस दिन राम के हाथों रावण को मोक्ष प्राप्त हुआ था, उसी दिन रावण का जन्म हुआ था।

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बिसरख, उत्तर प्रदेश में रावण मंदिर 

 बिसरख गांव रावण का जन्मस्थान है, जो कि ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश के पास स्थित है। माना जाता है कि यह वही लिंगम है जिसकी पूजा रावण और उनके पिता किया करते थे। यहां शिव मंदिर में रावण की मूर्ति भी स्थापित है, जिसकी बड़े विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। इस गांव में कभी भी रावण का पुतला नहीं जलाया जाता।

मंडोर, राजस्थान 

मंडोर के निवासी मुख्य रूप से मौदगिल और दवे ब्राह्मण हैं, जो रावण को अपना दामाद मानते हैं। रावण और पत्नी मंदोदरी का विवाह हुआ था। जिस स्थान पर उनकी शादी हुई थी  यहां रावण का एक मंदिर भी है, जिसे विशेष रूप से वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान बनवाया गया था।

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