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सुंदरकांड को क्यों कहा जाता है सुंदर इन शब्दो में छुपा है एक अनोखा रहस्य हनुमान भक्त जान ले

हिंदू धर्म में रामायण का बहुत महत्व है. रामायण के सात कांडों में से एक सुंदरकांड का पाठ अक्सर घरों में किया जाता है. ऐसा माना जाता है।

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By Himanshu Ghodki
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हिंदू धर्म में रामायण का बहुत महत्व है. रामायण के सात कांडों में से एक सुंदरकांड का पाठ अक्सर घरों में किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से घरेलू कलह, भूत-प्रेत, तंत्र-मंत्र जैसी बुरी शक्तियों से राहत मिलती है. लेकिन सवाल उठता है कि आखिर सुंदरकांड को 'सुंदर' क्यों कहा जाता है?

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रामायण का पांचवां अध्याय 

सुंदरकांड, महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का पाँचवाँ अध्याय है. इस अध्याय में हनुमान जी की वीरता और भक्ति का वर्णन मिलता है. हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका जाते हैं और रावण को ललकारते हैं.

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इस अध्याय में न तो राम और सीता का मिलन होता है और न ही रावण को कोई खास शक्ति प्राप्त होती है. फिर इस अध्याय का नाम 'सुंदर' क्यों है? आइए, जानते हैं कथा वाचक रसराज जी महाराज से, सुंदरकांड नाम के पीछे क्या कारण है.

सुंदरकांड नाम का रहस्य 

कथा वाचक रसराज जी महाराज बताते हैं कि पूरे सुंदरकांड में दरअसल 'सुंदर' शब्द का प्रयोग 8 बार हुआ है. जब हनुमान जी लंका में कूदते हैं, तो जिस भू-भाग पर कूदते हैं उसे 'सुंदर' कहा गया है. इसके अलावा, हनुमान जी वृक्ष पर बैठकर जब माता सीता के सामने श्रीराम की अंगूठी गिराते हैं, तब भी अंगूठी पर लिखे राम नाम को 'सुंदर' कहा गया है. यानी ये 8 बार हुआ है.

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सीता माता को सकारात्मक संदेश

इसके अलावा, रावण द्वारा अपहरण के बाद ये पहला मौका था, जब माता सीता को कोई सकारात्मक 'सुंदर' संदेश मिला. इसलिए इस अध्याय को सुंदरकांड कहा जाता है.

समुद्र का गर्व भी हुआ 'सुंदर' 

रसराज जी महाराज आगे कहते हैं, 'इस दौरान विकराल और घमंडी समुद्र का गर्व भी 'सुंदर' हो गया, इसलिए इस अध्याय को सुंदरकांड कहा गया है। 

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अशोक वाटिका का रहस्य 

एक कथा ये भी है कि रावण की लंका तीन पहाड़ों 'त्रिकूटचल' से बनी थी. इसमें 'सुंदर' नाम के पहाड़ पर ही अशोक वाटिका बनाई गई थी, जहाँ माता सीता को रखा गया था. चूंकि लंका के इस सुंदर पहाड़ में बनी अशोक वाटिका में माता सीता और हनुमान जी का मिलन हुआ, इसलिए इसे सुंदरकांड कहा जाता है .तो अब आप समझ गए होंगे कि सुंदरकांड नाम के पीछे क्या कहानी और रहस्य छिपे हुए हैं.

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