जबलपुर जिला अदालत ने कंगना रनौत को भेजा नोटिस, 1947 की आज़ादी को ‘भीख’ बताने पर घिरे बयान पर हुआ मामला

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जबलपुर जिला अदालत ने कंगना रनौत को भेजा नोटिस, 1947 की आज़ादी को 'भीख' बताने पर घिरे बयान पर हुआ मामला

जबलपुर जिला अदालत ने बॉलीवुड सांसद कंगना रनौत को एक विवादित बयान को लेकर नोटिस जारी किया है। कंगना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि “हमें असली आज़ादी 2014 में मिली, 1947 में मिली आज़ादी तो सिर्फ भीख थी।” इस बयान पर काफी बवाल हुआ था और अब उनके खिलाफ अदालत में याचिका दायर की गई है।

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इस बयान पर मचा था विवाद

कंगना के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक में भारी विवाद छिड़ गया था। कई लोगों ने इसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अपमान के रूप में देखा। उनकी टिप्पणी को लेकर पूरे देश में आलोचना की गई, जिससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी।

याचिका में आरोप

याचिका दायर करने वाले ने आरोप लगाया कि सांसद कंगना रनौत का बयान न केवल स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान है, बल्कि यह राष्ट्र विरोधी भी है। याचिकाकर्ता ने अदालत से अपील की है कि कंगना के इस बयान के लिए उन्हें माफी मांगने और कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए बाध्य किया जाए।
सांसद कंगना रनौत का यह बयान 2014 में केंद्र में सत्ता परिवर्तन और मौजूदा सरकार के कार्यकाल से जोड़कर देखा गया। उन्होंने यह भी दावा किया था कि 2014 से पहले की सरकारों ने देश को सही मायनों में आज़ादी नहीं दी थी। हालांकि, उनके इस बयान को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में नकारात्मक प्रतिक्रिया आई।

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जबलपुर जिला अदालत ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए कंगना रनौत को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत में पेश होकर कंगना को अब अपने बयान पर सफाई देनी होगी।

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