IDFC बैंक में घोटाले का बड़ा मामला, अधिकारियो पर दर्ज हुई FIR

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IDFC बैंक में घोटाले का बड़ा मामला, अधिकारियो पर दर्ज हुई FIR

अरे बाप रे! छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तो बड़ा घोटाला सामने आया है! DD नगर पुलिस स्टेशन में IDFC बैंक के अफसरों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। आरोप ये है कि इन लोगों ने नकली कागज़ों के दम पर ऐसी ज़मीन बेच दी जो असल में थी ही नहीं!

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रायपुर के रहने वाले नवनीत चौरसिया ने DD नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि बैंक वालों ने अखबार में इश्तिहार देकर दो प्रॉपर्टी का ई-ऑक्शन किया था। नवनीत ने ₹5.52 लाख जमा करके बोली जीत ली। लेकिन बाद में पता चला कि खसरा नंबर 364/5 और 364/21 वाली ज़मीन उस जगह पर है ही नहीं जहाँ विज्ञापन में बताया गया था, और तो और उसके असली मालिक भी कोई और ही हैं!

क्या है पूरा मामला?

नवनीत ने पुलिस को बताया कि बैंक ने 28 फरवरी 2023 को डील लेटर दिया था। लेकिन जब ज़मीन के कब्ज़े और रेवेन्यू रिकॉर्ड देखे गए तो उसमें किसी और का नाम निकला। बैंक के अफसरों ने उन्हें कागज़ात देने से भी मना कर दिया और गुमराह करते रहे। अब कोर्ट के ऑर्डर के बाद DD नगर पुलिस स्टेशन में बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मुंबई), डेप्ट रिकवरी डिवीजन ऑफिसर (चेन्नई), स्वप्निल पांडे (नागपुर), विनय सोनी (रायपुर) और दूसरे लोगों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471/34, 120B IPC के तहत FIR दर्ज हो गई है। पुलिस अब इस मामले की छानबीन कर रही है।

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आपको बता दें कि नवनीत ने रायपुर के रायपुरा में 1000 और 850 स्क्वायर फीट की दो प्रॉपर्टी के लिए DD के ज़रिए ₹1,17,000 और ₹1,10,000 दिए थे, और ₹3,25,000 बैंक अकाउंट में जमा किए थे। डील लेटर मिलने के बाद, आलोक महावर ने 5 मार्च 2023 को अखबार में जानकारी छापने पर आपत्ति जताई थी। जाँच में पता चला कि ज़मीन अशोक चंद बैद और राहुल अवधिया के नाम पर रजिस्टर्ड है। नवनीत ने बैंक से कागज़ मांगे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। ये तो एकदम धोखेबाजी है!