MP में पटवारी बोले अब कहां जाएं सरकार, कलेक्टर ने कह दिया, बहुत हुआ राज-पाट, अब कर लो नई जगह की बाट शहर के कलेक्टर आशीष सिंह ने सुशासन संवाद केंद्र खोलने का ऐलान किया है, जहां आम जनता से सीधा फीडबैक लिया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से कई लोगों ने पटवारियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने पटवारियों के तबादले की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नया तरीका अपनाने का फैसला लिया है
रैंडमाइजेशन से बदले जाएंगे पटवारियों के कार्यक्षेत्र
कलेक्टर ने सोमवार को हुई बैठक में आदेश दिए कि पटवारियों के कार्यक्षेत्र को तहसीलवार रैंडमाइजेशन (यानी कंप्यूटर के जरिए रैंडम तरीके से) से बदला जाएगा। इस फैसले के तहत सभी पटवारियों को नए सर्कल (काम करने के क्षेत्र) मिलेंगे। यह कदम जिले में पहली बार उठाया गया है, जिससे पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा दिया जा सके। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के पटवारियों की सूची तैयार करने और एनआईसी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रक्रिया को पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पटवारियों को शुक्रवार तक नए कार्यक्षेत्र में रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
समग्र आईडी की ई-केवाईसी पर भी फोकस
बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने समग्र आईडी की ई-केवाईसी प्रक्रिया की भी समीक्षा की। इसमें विशेष प्राथमिकता नगर निगम क्षेत्र को दी गई है ताकि नागरिकों का डेटा सही और अपडेट रह सके। साथ ही, कलेक्टर ने सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम को लागू करने के निर्देश भी दिए, जिससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके।